राजस्थान का अपवाह तंत्र : एक झलक

राजस्थान का अपवाह तंत्र : एक झलक

राजस्थान का अपवाह तंत्र : एक झलक
  • राजस्थान का अपवाह तंत्र : एक झलक Important
  • विश्व के कूल जल का 97.3% महासारगरीय जल है, जो लवणीय हैं।
  • मानव के लिए उपयोगी जल 2.7% है, जो नदियों, नहरों, तालाबों व नल-कूपों से प्राप्त होता है।
  • राजस्थान में जल संरक्षण व प्रबंधन हेतु “नई जल नीति” की घोषणा 18 फरवरी 2018  को की गई।
  • राजस्थान में वार्षिक वर्षा का औसत 52.37 सेमी. है।
  • राजस्थान भूमिगत् जल विभाग की स्थापना 1955 ईं. में हुई, जिनका प्रमुख कार्य जलसंरक्षक व प्रबंधक था। लेकिन वर्तमान समय में नाम बदलकर “भु जल बोर्ड विभाग” रख दिया। जिसका मुख्यालय जोधपुर में है।
  • जल में रासायनिक तत्त्व की जाँच हेतु राजस्थान में तीन प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई है। जो कि जयपुर, जोधपुर, उदयपुर में है।
  • अरावली पर्वत श्रृंखला प्रदेश की नदियाँ को दो भागों में विभाजित करती है।
    • बंगाल की खाड़ी में जाने में वाली नदियाँ – चम्बल, बनास, काली सिंध, पार्वती, बांणगंगा, खारी, बेड़च, गंभीर आदि।
    • अरब सागरिय में जाने में वाली नदियाँ माही, सोम, जाखम, साबरमत्ती, पश्चिमी बनास, लूनी आदि।
  • इस रेखा का पूर्वी भाग का जल बंगाल की खाड़ी में तथा पश्चिमी भाग का जल अरब सागर में गिरता है।
  • राजस्थान के अपवाह तंत्र के क्षेत्र के आधार पर तीन भागों में बाँटा गया है।
    1. आन्तरिक अपवाह प्रणाली (60.2%)
    2. अरब सागरिय अपवाह प्रणाली (17.1%)
    3. बंगाल की खाड़ी की अपवाह प्रणाली (22.4%)
  • राजस्थान में चम्बल नदी व माही नदी प्रमुख बारहमासी नदियाँ और लूनी नदी व बनास नदी प्रमुख बरसाती नदियाँ है।
  • राजस्थान के चुरु व बीकानेर जिलें ऐसे जिलें है जहाँ कोई नदी नहीं बहती है। गंगानगर में यद्यपि पृथक (अलग से) कोई नहीं बहती लेकिन वर्षा के समय घग्गर नदी की बाढ़ का पानी अनुपगढ़ और सूरतगढ़ तक चला जाता है।
  • राज्य में पूर्णत: बहने वाली सबसे लंबी नदी तथा सर्वाधिक जल ग्रहण क्षेत्र वाली नदी बनास है।
  • राजस्थान की सबसे लंबी और सर्वाधिक सतही जल वाली नदी चम्बल है।
  • राज्य में कोटा संभाग में सर्वाधिक नदियाँ है।
  • सर्वाधिक बाँध चम्बल नदी पर बने हुए है।
  • चम्बल नदी पर भैंसरोड़गढ़ (चितौड़गढ़) के निकट चूलिया जलप्रपात  तथा माँगली नदी पर बूँदी में प्रसिद्ध भीमतल जलप्रपात बने हुए है।
  • राज्य के लगभग 60% क्षेत्र में आंतरिक जल प्रवाह प्रणाली विद्यमान है।

राजस्थान का अपवाह तंत्र : एक झलक

राजस्थान का अपवाह तंत्र
राजस्थान का अपवाह तंत्र : एक झलक

प्रमुख नदियाँ और उनके उद्गम स्थान

राजस्थान की प्रमुख नदियाँ और उनके उद्गम स्थान
राजस्थान की प्रमुख नदियाँ और उनके उद्गम स्थान

नदियाँ के किनारे स्थित दुर्ग

राजस्थान की नदियाँ के किनारे स्थित दुर्ग
राजस्थान की नदियाँ के किनारे स्थित दुर्ग

त्रिवेणी संगम स्थल

राजस्थान के त्रिवेणी संगम स्थल
राजस्थान के त्रिवेणी संगम स्थल

नदियों के निकट स्थित अभ्यारण्य

राजस्थान की नदियों के निकट स्थित अभ्यारण्य
राजस्थान की नदियों के निकट स्थित अभ्यारण्य

नदियों के निकट बसे शहर

राजस्थान की नदियों के निकट बसे शहर
राजस्थान की नदियों के निकट बसे शहर

अन्तर्राज्यीय नदियाँ

अन्तर्राज्यीय नदियाँ
अन्तर्राज्यीय नदियाँ

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