राजस्थान का एकीकरण

राजस्थान का एकीकरण

राजस्थान का एकीकरण

Rajasthan दिवस – 30 मार्च
Rajasthan स्थापना दिवस – 1 नवम्बर

30 मार्च 1949 से पूर्व राजस्थान 19 रियासतों, 3 ठिकानों और 1 केन्द्र-शासित प्रदेश (चीप कमिश्नरेट) में बंटा हुआ था।
लॉर्ड माउण्टबेटन ने 4 जून, 1947 को भारत विभाजन की घोषणा की। देशी रियासतों को अधिकार था कि वे चाहे तो भारत में विलय हो या पाकिस्तान में विलय हो या स्वयं को स्वतंत्र घोषित कर दे।
रियासती विभाग :- देशी रियासतों के मसले को हल करने के लिए 5 जुलाई, 1947 को लोहपुरुष सरदार वल्लभ भाई पटेल के नेतृत्त्व में इस विभाग का गठन किया गया। सचिव बने -  V.P मेनन।

राजस्थान का एकीकरण की सारणी

राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान का एकीकरण

Trick of integration of Rajasthan

  • A, B, C, D – अलवर , भरतपुर, धौलपुर, करौली
  • बाबु झाडु किको प्रशाटो – बाँसवाड़ा, बूँदी, झालावाड़, डूँगरपुर, किशनगढ़, कोटा, प्रतापगढ़, शाहपुरा, टोंक
  • J J B J – जयपुर, जोधपुर, बीकानेर, जैसलमेर

राजस्थान के एकीकरण के चरण –

  1. प्रथम चरण – इसमें राजस्थान की 4 रियासतें जुड़ी
  2. द्वितीय चरण – इसमें राजस्थान की 9 रियासतें जुड़ी
  3. तृतीय चरण – इसमें पूर्वी राजस्थान / राजस्थान संघ और उदयपुर रियासत
  4. चतुर्थ चरण – इसमें संयुक्त राजस्थान और 4 रियासत
  5. पंचम चरण – इसमें वृह्त राजस्थान और मत्सय संघ
  6. षष्ठी चरण – इसमें संयुक्त वृह्त राजस्थान और सिरोही रियासत
  7. सप्तम चरण – इसमें राजस्थान संघ में अजमेर-मेरवाड़ा + देलवाड़ा व मा.आबू तहसील मिला दी।

राजस्थान एकीकरण की रियासत संबंधि विशेष बातें –

  • एकीकरण कुल सात चरणों में हुआ।
  • एकीकरण में कूल 8 वर्ष, 7 माह, 14 दिन का समय लगा।
  • सबसे प्राचीन रियासत – मेवाड़ (उदयपुर)
  • सबसे नवीन रियासत – झालावाड़
  • क्षेत्रफल में सबसे बड़ी रियासत – मारवाड़ (जोधपुर)
  • क्षेत्रफल में सबसे छोटी रियासत – शाहपुरा
  • एकीकरण के समय जनसंख्या की दृष्टी से सबसे बड़ी रियासत – जयपुर
  • एकीकरण के समय जनसंख्या की दृष्टी से सबसे छोटी रियासत – शाहपुरा
  • जाट वंशीय रियासत – अलवर और भरतपुर
  • एकीकरण के समय यादव वंशीय रियासत – करौली और जैसलमेर
  • एकीकरण के समय मुस्लिम रियासत – टोंक
राजस्थान का एकीकरण
राजस्थान का एकीकरण

एकी-करण के चरणों संबंधि विशेष बातें –

  • KM मुंशी के कहने पर ही राजस्थान के एकीकरण में प्रथम चरण का नाम मत्सय संघ रखा गया।
  • P. सत्यनारायण राव समिति की सिफारिश पर जयपुर को राजस्थान की स्थायी राजधानी बनायी गई।
  • डॉ. शेकर देवराय समिति की सिफारिश पर मत्सय संघ को 5 वें चरण में शामिल किया गया।
  • सिरोही रियासत एकमात्र ऐसी रियासत है जो दो चरणों में शामिल की गई।
  • प्रथम चरण – देलवाड़ा व मा.आबू तहसील को छोड़कर सिरोही को 6 वें चरण में –
  • द्वितीय चरण – देलवाड़ा व मा.आबू तहसील को 7 वें चरण मिलाया गया –
  • गोकुल भाई भट्‌ट के प्रयासों से देलवाड़ा व मा.आबू तहसील को राजस्थान के एकीकरण में शामिल किया गया –

गोकुल भाई भट्‌ट – राजस्थान का गाँधी
वागड़ का गाँधी – भोगीलाल पांड्या
गाँधीजी का पाँचवा पुत्र – जमनालाल बजाज

राजस्थान के एकीकरण में प्रशासन संबंधित विशेष बातें –

  • एकीकरण के 7वें चरण में अजमेर-मेरवाड़ा को मिलाया गया।
  • 7वें चरण में ही MP से सुनेल-टप्पा नामक स्थान को राजस्थान में तथा राजस्थान से सिरोज नामक क्षेत्र को MP में मिला दिया।
  • राजस्थान एकीकरण के समय मारवाड़ का शासक हनुवंत सिंह जो पाकिस्तान में मिलना चाहता था लेकिन सुमनेश जोशी ने इस चरण का पर्दाफाश किया।
  • एकीकरण के समय बांसवाड़ा का शासक चँद्रवीर सिंह ने कहा “मैं अपने डेथवॉरेंट पर हस्ताक्षर कर रहा हुँ”।
  • राजस्थान के एकीकरण के समय कोटा का शासक महारावल भीमसिंह , हड़ौती संघ नामक एक संघठन बनाना चाहते थे।
  • एकीकरण के समय मेवाड़ का शासक भुपालसिंह, राजपुताना , गुजरात और मालवा को मिलाकर “राजस्थान युनियन” संघ बनाना चाहते थे।
  • राजस्थान के एकीकरण के समय 4वें चरण में महाराज प्रमुख पद सृजित किया गया। तथा मेवाड़ के शासक भुपालसिंह को एकमात्र महाराज प्रमुख बनाया गया।
  • राजस्थान पुर्नगठन आयोग ने राजप्रमुख पद को समाप्त कर राज्यपाल पद को सृजित किया।
  • राज्य राजस्थान के प्रमथ राज्यपाल सरदार गुरूमुख निहाल सिंह बने।

महत्त्वपूर्ण बाते

  • द्वितीय चरण के समय प्रदेश के नाम में राजस्थान शब्द पहली बार जुड़ा।
  • 30 मार्च 1949 को संयुक्त राजस्थान और J J B J के मिलने पर वृह्त राजस्थान का निर्माण हुआ। इसी कारण 30 मार्च को Rajasthan दिवस मनाया जाता है।
  • 7 अप्रेल 1949 को राजस्थान के प्रथम प्रधानमंत्री (बाद में मुख्यमंत्री) हीरालाल शास्त्री ने शपथ ग्रहण की।
  • 26 जनवरी 1950 को देश का संविधान लागु होने पर इस राज्य को विधिवत् रूप से राजस्थान नाम दिया।

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